Man Re Tu Kahe Na Dheer Dhare Free Song Lyrics {मन रे तू काहे न धीर धरे} गीत: मन रे तू कहे ना धीर धारे फिल्म: चित्रलेखा, संगीतकार: रोशन, गीतकार: साहिर लुधियानवी, गायक: मोहम्मद रफ़ी
मन रे तू काहे न धीर धरे
मन रे तू काहे ना धीर धरे
वो निर्मोही मोह ना जाने, जिनका मोह करे
मन रे तू काहे…
इस जीवन की चढ़ती ढलती
धूप को किसने बांधा
रंग पे किसने पहरे डाले
रुप को किसने बांधा
काहे ये जतन करे
मन रे तू काहे…
उतना ही उपकार समझ कोई
जितना साथ निभा दे
जनम मरण का मेल है सपना
ये सपना बिसरा दे
कोई न संग मरे
मन रे तू काहे…
वो निर्मोही मोह ना जाने, जिनका मोह करे
मन रे तू काहे…
इस जीवन की चढ़ती ढलती
धूप को किसने बांधा
रंग पे किसने पहरे डाले
रुप को किसने बांधा
काहे ये जतन करे
मन रे तू काहे…
उतना ही उपकार समझ कोई
जितना साथ निभा दे
जनम मरण का मेल है सपना
ये सपना बिसरा दे
कोई न संग मरे
मन रे तू काहे…
Man Re Tu Kahe Na Dheer Dhare English Song Lyrics
Man Re Tu Kahe Na Dhir Dhare
Wo Nirmohi Moh N Jaane, Jinaka Moh Kare
Is Jiwan Ki Chadhti Dhalati Dhup Ko Kis Ne Bandha
Rang Pe Kis Ne Pahare Dale, Rup Ko Kis Ne Bandha
Kaahe Ye Jatan Kare
Man Re Tu Kahe Na Dhir Dhare…
Utana Hi Upakaar Samajh Koi Jitana Sath Nibhaaye
Janam Maran Ka Mel Hai Sapana, Ye Sapana Bisara de
Koi N Sang mare, Man Re Tu Kahe Na Dhir Dhare
Wo Nirmohi Moh N Jaane, Jinaka Moh Kare
Is Jiwan Ki Chadhti Dhalati Dhup Ko Kis Ne Bandha
Rang Pe Kis Ne Pahare Dale, Rup Ko Kis Ne Bandha
Kaahe Ye Jatan Kare
Man Re Tu Kahe Na Dhir Dhare…
Utana Hi Upakaar Samajh Koi Jitana Sath Nibhaaye
Janam Maran Ka Mel Hai Sapana, Ye Sapana Bisara de
Koi N Sang mare, Man Re Tu Kahe Na Dhir Dhare


0 Comments
पोस्ट से संबंधित कोई भी सवाल आपके मन में है,तो आप कमेंट के द्वारा हमें बता सकते हैं, हम आपकी मदद करने की पूरी पूरी कोशिश करेंगे