Mere Bhaiyaa Mere Chanda 1965 में रिलीज़ हुई फ़िल्म काजल का यह गीत रक्षाबंधन के भाव को पूरी शिद्दत से बयां करता है। साहिर लुधियानवी की क़लम से निकले इस गीत को रवि ने संगीत दिया है और आशा भोंसले की सुरमयी आवाज़ में इसे रिकॉर्ड किया गया। इस गाने में मीना कुमारी अपने भाई को यह गीत गाकर सुना रही हैं। वह भाई को चंदा और अनमोल रतन मानती हैं और भाई के बदले उन्हें जमाने में और कोई चीज़ प्यारी नहीं है। मीना कुमारी एक बेहतरीन अदाकारा हैं और इस गाने में वे एक प्रेममयी बहन के किरदार में हैं। गीत के बोल हैं
Mere Bhaiyaa Mere Chanda Lyrics
मेरे भैया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज़ ना लूँ
मेरे भैया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज़ ना लूँ
तेरी साँसोँ की कसम खा के, हवा चलती है
तेरे चेहरे की झलक पा के बहार आती है
एक पल भी मेरी नज़रों से जो तू ओझल हो
हर तरफ मेरी नज़र तुझको पुकार आती है
मेरे भैया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज़ ना लूँ
मेरे भैया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज़ ना लूँ
तेरे सेहरे की महकती हुई लड़ियों के लिए
अनगिनत फूल उम्मीदों के चुने हैं मैंने
वो भी दिन आये कि उन ख्वाबों के ताबीर मिले
तेरी खातिर जो हसीं ख्वाब बुने हैं मैंने
मेरे भैया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज़ ना लूँ
मेरे भैया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज़ ना लूँ


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