Shyam Jimave Jatni Ghunghat Ki Ot Me श्याम जिमावे जाटणी घुंघट की ओट में श्याम जी का भजन है और इसको प्रियंका चौधरी ने गाया है
श्याम जिमावे जाटणी घुंघट की ओट में Lyrics
नरम नरम लाई घाल गरम कान्हा माखन बारी मैं
श्याम जिमाव जाटनी घुंघट की ओट म्ह
सांवरिया करूं ओट तन मन तेरा जादू चढ़ रह्या सै
घणं करू दीदार मेरा दीवानापन बढ़ रहया सै
दिल होजा सै घाल मेरा नजरां की चोट म्ह
श्याम जिमाव जातनी घूंघट की ओट म्ह
डर लग गया मने सांवरे कदे मीरा ना हो जाऊं मैं
छोड़ चौधरी बालका नै तेरे महँ खो जाऊं मैं
मोहनी मोहनी सूरत तेरी कर दे खोट महँ
श्याम जी मावे जाटनी घूंघट की ओट महं
इस ढाला का रिश्ता राखू ना कच्चा ना पक्का हो
नक्जा आखिरी सांस तलक जो ना रोला ना रूकका हो
सागर धरै नित्न ध्यान तेरा तुम रहियो सपथ महं
श्याम जिमाव जातनी घूंघट की ओट म्ह
कुछ दिन रह ले मेहंदीपुर में छिक छिक कै लाडु खाले Lyrics


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